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रोज़ाना 10 लाख लोग पीएम जन औषधि केंद्र से ख़रीदते हैं दवाईयां: मंडाविया

केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा है कि पीएम जन औषधि केंद्र (PMJAK) कोविड-19 से निपटने में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि इन केंद्रों से रोज़ाना सस्ती दवाईयां खरीदने वालों की संख्या 10 लाख पहुंच गयी है

पीएसयू वॉच हिंदी

नई दिल्ली: केंद्रीय जहाजरानी और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख मंडाविया ने कहा है कि पीएम जन औषधि केंद्र (PMJAK) कोविड-19 स्थिति में बेहद अहम भूमिका निभा रहे हैं. कुल करीब 6000 पीएम जन औषधि केंद्रों से किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण दवाईयां खरीदने वालों की संख्या 10 लाख तक पहुंच गयी है. जनऔषधि केंद्रों पर हाइड्रो क्लोरोक्वीन भी बेची जा रही है.

भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग की एक अभिनव पहल है. जन औषधि केंद्र इसी स्कीम के तहत किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से खोले गए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि "2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जन औषधि केंद्रों को खोले जाने को प्रोत्साहित करते रहे हैं, बीते साढ़े पांच सालों के दौरान उन्होंने देश में लगभग 6000 जन औषधि केंद्रों ने प्रचालन आरंभ किया जहां सामान्य मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती बेची जा रही हैं". उन्होंने ये भी कहा कि किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं बेचने के अतिरिक्त, कई जन औषधि केंद्रों ने लॉकडाउन अवधि के दौरान जरुरतमंद लोगों को राशन किट, कूक्ड भोजन, निशुल्क दवाएं आदि भी वितरित की हैं.

कोविड-19 जैसी विशेष स्थिति में, जन औषधि केंद्रों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है. गरीबों एवं जरुरतमंद लोगों की दिन रात अनथक सेवा करने के लिए 6000 जन औषधि केंद्रों का प्रचालन हो रहा है. अप्रैल, 2020 में लगभग 52 करोड़ रुपये के बराबर के मूल्य की दवाओं की आपूर्ति पूरे देश भर में की गई है जो कि इन केंद्रों के लिए अब तक का एक रिकॉर्ड है. जन औषधि केंद्र हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू), एन95 मास्क, थ्री-प्लाई मास्क, हैंड सैनिटाइजर, आदि की भी सस्मे मूल्यों पर बिक्री कर रहे हैं.

"2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण करने के बाद से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जन औषधि केंद्रों को खोले जाने को प्रोत्साहित करते रहे हैं, बीते साढ़े पांच सालों के दौरान उन्होंने देश में लगभग 6000 जन औषधि केंद्रों ने प्रचालन आरंभ किया जहां सामान्य मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती बेची जा रही हैं"-मनसुख मंडाविया, केंद्रीय जहाजरानी और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए मनसुख मंडाविया ने कहा, "मैं इन जन औषधि स्टोर मालिकों द्वारा जरुरतमंद लोगों की असाधारण एवं सराहनीय सामाजिक सेवा की प्रशंसा करता हूं".

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