India’s internet economy to reach USD 1 trillion by 2030, says Google-Bain & Temasek report on India's digital economy Internet
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भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था पर गूगल की धमाकेदार रिपोर्ट

देश में बढ़ रहे डिजिटल लेनदेन और अर्थव्यवस्था में डिजिटल घुसपैठ पर गूगल ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसमें भारत को इंटरनेट अर्थव्यवस्था के आधार पर विश्व का अग्रणी देश बताया गया है

पीएसयू वॉच हिंदी

नई दिल्ली: भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था पर गूगल की एक बड़ी रिपोर्ट आई है. गूगल की इस ताज़ा रिपोर्ट में भारत में तेज़ी से बढ़ रही इंटरनेट अर्थव्यवस्था को लेकर बहुत सुनहरी तस्वीर की भविष्यवाणी की गई है. गूगल ने यह रिपोर्ट बेन ऐंड कंपनी के साथ मिल कर तैयार की है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की इंटरनेट अर्थव्यवस्था साल 2030 तक एक ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की बन जाएगी, जो कि 2010 के मुकाबले 10 गुना ज़्यादा.

सबसे तेज़ बढ़ोत्तरी e-commerce (ई-कॉमर्स) के क्षेत्र में

इंटरनेट अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में बढ़ोतरी का अनुमान है. सबसे तेज़ बढ़ोतरी e-commerce (ई-कॉमर्स) के क्षेत्र में होगी. समय के साथ ई-कॉमर्स का हिस्सा सबसे बड़ा हो जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक़ रोज़ाना के लेनदेन में डिजिटल आदतें अपनाने में भारत ने दुनिया के बड़े देशों को पीछे छोड़ दिया है जिसका सीधा असर डिजिटल लेनदेन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी में देखने में मिल रहा है. अधिकाधिक व्यवसाय या तो सीधे इंटरनेट पर ही आ रहे हैं या जो पारंपरिक रूप से इंटरनेट के बिना चल रहे थे, वो भी डिजिटल हो रहे हैं.

घरेलू बाज़ार के साथ बढ़ेगा निर्यात भी

गूगल के मुताबिक आने वाले समय में भारत बड़ा डिजिटल निर्यातक बनेगा. यह युवाओं की प्रतिभा, घरेलू बाज़ार से मिली सीख और सरकार की योजनाओं से होगा. इसलिए फिलहाल जरूरी ये है कि युवाओं का हुनर सँवारने, डिजिटल डिप्लोमेसी, ग्राहक हासिल करने की नई रणनीति पर ध्यान दिया जाए.

रिपोर्ट में ख़ास इस बात का ज़िक्र है कि देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले 50 करोड़ लोग अंग्रेज़ी भाषी नहीं हैं. साथ ही भारत में इंटरनेट गति भी चीन और अमेरिका से कम है.

गूगल की इस रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचा तेज़ी से बढ़ रहा है. इसमें ओपन नेटवर्क को बढ़ावा देने की मौजूदा मोदी सरकार की नीतियों का बड़ा योगदान है.

तेजी से बढ़ रहा है डिजिटल लेन-देन

रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़े डिजिटल परिवर्तन के पीछे छोटे शहरों के लोगों की आदतों में आ रहा बदलाव है. भारतीय ग्राहक डिजिटल व्यवहार अपना रहे हैं. बदलते समय के साथ उन्हें सुविधा चाहिए और इसके लिए आने वाले बदलाव को स्वीकार करने में उन्हें हिचक नहीं है. महत्वपूर्ण बात ये है की इन ग्राहकों को पर्यावरण का भी ख्याल है.

गूगल ने रिपोर्ट में इस बात का ज़िक्र किया है कि इंटरनेट अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में छोटे शहरों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनकी समस्याएँ सुलझाने पर ध्यान देना होगा. छोटे शहरों और गाँवों में कंपनियों के लिए बड़े अवसर हैं। 5 में से 3 ई-कॉमर्स ग्राहक बहुत छोटे (टी-3) शहरों के हैं. ग्रामीण भारत की प्रति व्यक्ति आय 2019 से 2030 तक 4.3 गुना हो जाएगी. छोटे शहरों के लोगों का भरोसा बड़ी हस्तियों की जगह YouTube व्लॉगरों पर है. वे नए ब्रांड आज़माना चाहते हैं.

रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था की विकास की राह में अड़चनें कम नहीं हैं लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद निवेशकों का भारत में भरोसा बना हुआ है. ग्राहकों के लिए पारंपरिक कंपनियाँ भी ख़ुद को बदल रही हैं और डिजिटल हो रही हैं.

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