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छावनी बोर्डों ने कोविड-19 से मुकाबले के लिए कमर कसी

सेना और नागरिकों समेत 21 लाख की आबादी वाले छावनी बोर्डों ने कोरोना वायरस-कोविड 19 महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को रेखांकित करना शुरू कर दिया है
नई दिल्ली: सेना और नागरिकों समेत 21 लाख की आबादी वाले छावनी बोर्डों ने कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी से निपटने के लिेए स्वास्थ्य सेवाओं को रेखांकित करना शुरू कर दिया है। देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मौजूद सभी 62 छावनी बोर्डों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कोविड-19 से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए पहले से ही अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों और गेस्ट हाउसों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को रेखांकित करने का काम पूरा कर लें। "छावनी बोर्डों के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और जरूरत के मुताबिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सभी परामर्शों का छावनी बोर्डों कड़ाई से पालन कर रहे हैं" रक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया। सभी छावनी कार्यालयों के भवनों, आवासीय क्षेत्रों, स्कूल परिसर, पुस्तकालयों, पार्कों और बाजारों को नियमित रूप से संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों को लाउड स्पीकरों से की जाने वाली सार्वजनिक घोषणाओं तथा  छावनी के सभी प्रमुख स्थानों, कार्यालयों और बाजारों में लगाए गए नोटिस बोर्डों , होर्डिंग्स और पर्चों के माध्यम से कोविड-19 के बारे में जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय चिकित्सा अधिकारी आवश्यक सेवाओं में लगे सभी कर्मचारियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन कर रहे हैं और उन्हें कोविड-19 से बचाव के तरीके  बता रहे हैं और साथ ही किसी भी आपात स्थिति से ​निबटने के लिए छावनी के अस्पतालों को तैयार भी कर रहे हैं। छावनी क्षेत्रों का समग्र नगरपालिका प्रशासन छावनी बोर्डों के अंतर्गत आता है जो लोकतांत्रिक निकाय है। सैन्य स्टेशन विशुद्ध रूप से सशस्त्र बलों के उपयोग और आवास के लिए होते हैं और एक कार्यकारी आदेश के तहत स्थापित किए जाते हैं जबकि छावनी क्षेत्र ऐसे आवासीय क्षेत्र होते हैं जिनमें सैनिकों के साथ ही आम नागरिक भी रहते हैं। छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेष रूप से गरीब वर्ग के लिए आवश्यक वस्तुओं, खाद्य पदार्थों इत्यादि की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय के कर्मचारियों की एक टास्क फोर्स बनायी गयी है। सभी किराने की दुकानों को कालाबाजारी से बचने, सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं लगाने तथा लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है। छावनी बोर्ड निरंतर और निर्बाध जल आपूर्ति व्यवस्था के साथ ही स्ट्रीट लाइट सेवाओं को भी सुनिश्चित कर रहे हैं। अधिकांश छावनियों में निवासियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।