

नई दिल्लीः NHAI के टोल प्लाजा पर कैश की लंबी लाइनों, गिनती की भनभनाहट और ट्रैफिक जाम का सफर अब इतिहास बनने वाला है! राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा ऐलान किया है— 10अप्रैल 2026 से देशभर के सभी टोल प्लाजा पर कैश बंद हो जाएगा. अब सिर्फ डिजिटल पेमेंट ही राज करेंगे: UPI या FASTag. क्या यह डिजिटल इंडिया की सुपरफास्ट सवारी है, या डिजिटल डिवाइड का नया खतरा? आइए जानते हैं इस क्रांति की पूरी कहानी।
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NHAI के मुताबिक, यह कदम ट्रैफिक फ्लो सुधारने, कलेक्शन में पारदर्शिता लाने और रेवेन्यू लॉस रोकने के लिए है। 2025 में टोल कलेक्शन में 15% से ज्यादा कैश से होने वाली चोरी और देरी की शिकायतें आईं। अब FASTag (जो 98% वाहनों पर लगा है) और UPI से पेमेंट सैकंड्स में हो जाएगा। अनुमान है कि इससे सालाना ₹10,000 करोड़ का एक्स्ट्रा रेवेन्यू जेनरेट होगा, जो हाईवे एक्सपैंशन में लगेगा।
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फायदा: कोई लाइन नहीं, ऐप से पे—UPI QR कोड हर बूथ पर। FASTag बैलेंस चेक करने वालों को SMS अलर्ट।
चुनौती: ग्रामीण ड्राइवर्स या बिना स्मार्टफोन वालों को परेशानी? NHAI ने 'डिजिटल हेल्प डेस्क' प्लान किया है, जहां हेल्पर UPI सेटअप करेंगे।
उदाहरण: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर टेस्टिंग में 40% टाइम सेविंग हुई
तो इस डिजिटल डिवाइड पर कैश की विदाई का जश्न मनाएं या चिंता करें? सरकार भले ही सुविधा का दावा कर रही है, लेकिन क्या 'डिजिटल इंडिया' को ये कदम लाखों ग्रामीण ड्राइवर्स को सड़क पर लटका देगा?
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