राष्ट्रीय खबरें

जयपुर एयरपोर्ट के एकीकृत एयर कार्गो टर्मिनल से परिचालन शुरु

जयपुर एयरपोर्ट पर नवनिर्मित एकीकृत एयर कार्गो टर्मिनल से  घरेलू कार्गो परिचालन का आगाज़ मंगलवार से किया गया

पीएसयू वॉच हिंदी

जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट पर नवनिर्मित एकीकृत एयर कार्गो टर्मिनल से  घरेलू कार्गो परिचालन का मंगलवार से शुभारंभ किया गया. विमानपत्तन निदेशक जे एस बलहारा ने नए कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और आईक्लास के अधिकारियों की उपस्ठिति में किया. बढ़ते हुए कार्गो परिचालन के मद्देनजर देखा जा रहा था कि राजस्थान में घरेलू कार्गो और अंतर्राष्ट्रीय कार्गो के लिए आधारभूत संरचना और सुविधाओं की कमी थी. लिहाजा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लगभग 21 करोड रुपए खर्च कर कार्गो टर्मिनल का निर्माण किया गया, जिसमें समुचित स्थान एवं कार्गो के लिए सभी सुविधाओं का प्रावधान रखा गया. लगभग 13,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित, इस एकीकृत एयर कार्गो टर्मिनल से घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय कार्गो का प्रचालन किया जा सकेगा.

कार्गो टर्मिनल में ग्राउन्ड फ्लोर पर लगभग 6600 वर्ग मीटर का कवर्ड स्थान है जहाँ  कार्गो प्रचालन होगा जिसमें वेईंग स्केल्स, कार्गो ट्रॉलीज, स्ट्रोंग रूम, एक्स-रे मशीन, ईटीडी मशीन, डीएफएमडी,प्लास्टिक पैलेट्स आदि की सुविधा होगी. डीजी गुड्स और ट्रांशिपमेंट कार्गो के लिए स्थान उपलब्ध होगा. अन्य सुविधाएँ जल्द ही उपलब्ध करवाने की योजना है.

राजस्थान के तापमान और कार्गो की प्रकृति को देखते हुए कार्गो के चारों खंडों में कोल्ड स्टोरेज की सुविधा दी गई है. नए टर्मिनल पर अब सब्जियों, फलों एवं फार्मास्युटिकल को उचित ताममान में स्टोर किया जा सकता है और उनको खराब होने से बचाया जा सकता है. इससे राजस्थान की कृषि उपज मण्डी समिति को फल एवं सब्जियों को देश/विदेश में भेजने की भी सुविधा उपलब्ध हो पाएगी और उत्पादकों को उनके उपज का उचित दाम मिल पाएगा.

घरेलू कार्गो के लिए जयपुर से भारत के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है जिसमेँ सभी प्रकार का कार्गो आता-जाता है. जयपुर में कार्गो में जेम एण्ड ज्वैलरी का प्रचालन ज्यादा होता है लेकिन फल, फूल, सब्जियाँ, पेरिशेबल सामान, इलैक्ट्रोनिक सामान भी आता-जाता है. सभी सुविधाओँ से सुसज्जित एकीकृत एयर कार्गो टर्मिनल के शुरु होने से कार्गो प्रचालन में वृद्धि की सम्भावना की जा सकती है.

जयपुर में वर्ष 2013 में भाविप्रा ने टर्मिनल-1 की बिल्डिंग से कॉमन यूजर घरेलू कार्गो टर्मिनल के माध्यम से सुविधाएं देना प्रारम्भ किया था जिसका एयरलाईंस और कार्गो से जुडी संस्थाओँ ने भरपूर समर्थन किया था. शुरुआत में जहां वर्ष 2014-15 में लगभग 9265 मिट्रिक टन कार्गो का प्रचालन हुआ था जो वर्ष 2019-20 तक 17680 मिट्रिक टन पहुंच चुका था. शुरुआत में वर्ष 2013 में केवल दो एयरलाइंस गो-एयर और इंडिगो ने कार्गो परिचालन शुरु किया था और आज पांच एयरलाइंस इस सुविधा का लाभ उठा रही हैं. वर्तमान में इंडिगो, गो एयरलाईन, एयर एशिया, स्पाइस जेट और एयर इंडिया जयपुर एयरपोर्ट से घरेलू कार्गो का परिचालन कर रही हैं.

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की कम्पनी एएआई कार्गो लॉजिस्टिक्स एण्ड एलाईड सर्विसेज कम्पनी लिमिटेड (आईक्लास) कार्गो 6.4 ट्रिलियन अमेरीकी डॉलर के वैश्विक बाजार में विशेष स्थान रखती है. आईक्लास की स्थापना अगस्त 11, 2016, को की गई थी. यह मल्टी मॉडल इंटरफेस पर काम करती है और जल, थल और वायु तीनों कार्गो सेवाएँ मुहैया करवाने का लक्ष्य रखती है. यह देश की सबसे तेज लॉजिस्टिक्स सोल्युशन देने वाली कंपनी है. वर्तमान में आईक्लास 20 अंतर्राष्ट्रीय व 26 अंतरदेशीय कार्गो टर्मिनल में प्रचालन कर रही है. साथ ही आईक्लास श्रेष्ठ कार्गो ऑपरेटर कंपनी भी है, जो देश के औद्योगिक विकास मेे अपनी सेवाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

(PSU Watch– पीएसयू वॉच भारत से संचालित होने वाला  डिजिटल बिज़नेस न्यूज़ स्टेशन  है जो मुख्यतौर पर सार्वजनिक उद्यम, सरकार, ब्यूरॉक्रेसी, रक्षा-उत्पादन और लोक-नीति से जुड़े घटनाक्रम पर निगाह रखता है. टेलीग्राम पर हमारे चैनल से जुड़ने के लिए Join PSU Watch Channel पर क्लिक करें. ट्विटर पर फॉलो करने के लिए Twitter Click Here क्लिक करें)

Sensex plunges nearly 680 points, Nifty slips below 22,600 as global sell-off rattles markets

DRI seizes over 9 kg meth in Bhopal: Are India's smaller cities becoming drug trafficking corridors?

Chhattisgarh signs MoUs with HUDCO, CEPT University to strengthen urban infrastructure

Iftakhar Ahmed Chowdhry (IRS) appointed Deputy Secretary in Department of Health Research

BEL bags Rs 770 crore contract for Indian Army's lightweight radars