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कोविड-19: वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने दी स्पॉट ई-ऑक्शन की सुविधा

महामारी कोविड-19 के मद्देनजर वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिडेट (वेकोलि) ने कोयला उपभोक्ताओं के लिए स्पॉट ई-ऑक्शन सुविधा का ऐलान किया है जिसके मुताबिक उपभोक्ता कोयले की एडवांस बुकिंग कर सकेंगे और अगले तीन महीने के दौरान भुगतान कर, अपनी जरूरत के मुताबिक कोयला उठा सकेंगे

पीएसयू वॉच हिंदी
  • वेकोलि ने कोविड-19 के लिए बनाया विशेष स्पॉट ई-ऑक्शन प्लान
  • विशेष ई-ऑक्शन में 90 दिन तक मिलेगी कोयला उठाने और भुगतान की छूट

नागपुर: वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) अब कोयला उपभोक्ताओं को स्पॉट ई-ऑक्शन की सुविधा देगा। मंगलवार को कंपनी ने ऐलान किया कि कोविड-19 से फैले संकट के मद्देनजर उपभोक्ताओं की मदद के लिए पूरे मई महीने के दौरान वेकोलि स्पॉट ई-ऑक्शन की सुविधा देगा। स्पॉट ई-ऑक्शन से उपभोक्ताओं को तत्काल वित्तीय राहत तो मिलेगी ही, लॉकडाउन के बाद उनकी कोयला-आवश्यकता की योजना तैयार करने के लिए उन्हें एक अवसर भी मिलेगा। इस स्पेशल स्पॉट ई-ऑक्शन में वेकोलि ने उपभोक्ताओं को कोयले के भुगतान के लिए तीन महीने की वैधता-अवधि का प्रस्ताव दिया है। स्पेशल स्पॉट ई-ऑक्शन के तहत प्रस्तावित कोयले की मात्रा भी अपेक्षाकृत अधिक 3.5 मिलियन टन है।

सामान्य तौर पर स्पॉट ऑक्शन में कोयला उठाने की अवधि सिर्फ़ 45 दिन और कोयले की मात्रा एक मिलियन टन से कम होती है और भुगतान दस दिनों के अंदर करना होता है। कंपनी ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया कि "कोविड-19 के मद्देनजर बनाए गए वेकोलि के इस विशेष प्रस्ताव के अनुसार, उपभोक्ता अब कोयले की एडवांस बुकिंग कर सकेंगे और अगले तीन महीने के दौरान भुगतान कर, अपनी जरूरत के मुताबिक कोयला उठा सकेंगे।

लॉकडाउन के वर्तमान संकट में, उपभोक्ताओं को यह राहत कोल इंडिया और कोयला मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, कोयले की नीलामी के फ्लोर प्राइस में कमी के बाद दी गयी है।"

इससे पहले कुछ विशेष खदानों के कोयले की नीलामी के नोटिफाइड प्राइस पर 30% तथा अन्य खदानों के लिए 40% अतिरिक्त फ्लोर प्राइस निर्धारित की गयी थी. अब, सभी प्रकार की नीलामी नोटिफाइड प्राइस पर की जा रही है। कंपनी के इस कदम से इससे उपभोक्ताओं को अच्छी-खासी वित्तीय राहत मिली है। इस नयी व्यवस्था के तहत, उपभोक्ता और कोयला-कम्पनी आपसी सहमति से कोयला उठाने का मासिक  कार्यक्रम बना सकेंगे। उपभोक्ता को मासिक सूची के अनुसार उठाये गये कोयले का भुगतान चालू महीने के आखिरी दिन तक कर देना होगा. इसमें भाग लेने वाले बिडर बैंक-गारंटी के रूप में ईएमडी भी जमा कर सकेंगे।

मध्य भारत में स्थित होने के कारण, वेकोलि को यह सुविधा प्राप्त है कि वह मध्य, पश्चिमी और दक्षिण भारत के उपभोक्ताओं के संयंत्र (दरवाजे) तक सस्ता कोयला उपलब्ध करवा सकती है. तो वहीं उपभोक्ताओं को भी यह लाभ है कि देश के पूर्वी भाग से कोयला लेने पर परिवहन में रेल- भाड़े में होने वाले खर्च की बड़ी बचत  हो सकेगी. इस मद में, कोयले के मूल्य पर उन्हें प्रति टन 500-750 रूपये की बचत होगी। भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश विद्युत् संयंत्रों द्वारा थर्मल कोयला-आयात को रोकना है। वेकोलि इस क्षेत्र के विद्युत् उपभोक्ताओं की कोयले की मांग पूरी करने के लिए तैयार है। साल-दर-साल कोयला-उत्पादन में वृद्धि और पर्याप्त कोयला-भंडार की उपलब्धता के मद्देनजर वेकोलि ना सिर्फ कोयले का आयात रोकने में बल्कि अन्य निजी विद्युत उपभोक्ताओं को भी कोयला-आपूर्ति करने में सक्षम है।

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